डेंगू की रिपोर्ट में NS1, IgG और IgM क्या होता है | Dengue Blood Test in Hindi

dengue test, dengue test name

 

Diagnostic Blood Test for Dengue in Hindi - डेंगू बीमारी वायरस (DENV) के कारण फैलने वाली एक बीमारी है और पूरे विश्व में हर साल 400 मिलियन लोग डेंगू से संक्रमित होते हैं। 

डेंगू अधिकतर गर्म या उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में होता है। डेंगू मादा एडीज मच्छर द्वारा फैलता है। 

यह बीमारी एक इन्सान से दूसरे इन्सान में नहीं फैलती लेकिन किसी को डेंगू इंफेक्शन है और किसी मच्छर ने डेंगू संक्रमित इन्सान को काट कर आपको काट लिया तो आपको भी डेंगू हो जाएगा। 

डेंगू से संक्रमित होने वाले 20 मरीज में से एक मरीज को हालत बहुत गम्भीर हो जाती है। डेंगू को हड्डी तोड़ बुखार भी कहते हैं।

डेंगू की जांच - Dengue Blood Test Name in Hindi

डेंगू की जांच के लिए ब्लड टेस्ट करवाया जाता है जिसमें डेंगू NS1 एंटीजन के साथ डेंगू IgG और डेंगू IgM भी देखा जाता है। 

वैसे तो डेंगू का टेस्ट किट द्वारा भी किया जाता है लेकिन वो इतना विश्वसनीय नहीं होता है और उसमे गलत रिपोर्ट आने की संभावना होती है।

डेंगू की रिर्पोट कैसे समझें - Dengue Report in Hindi

डेंगू की रिर्पोट में 3 हिस्से होते है एक डेंगू NS1 एंटीजन और बाकी के दो IgM और IgG एंटीबॉडी, डेंगू की जॉच में यही तीन पैरामीटर देखे जाते हैं। आईए जानते हैं इन तीनों का क्या मतलब होता है

डेंगू NS1 एंटीजन पॉजीटिव - Dengue NS1 Antigen Positive Means in Hindi

डेंगू NS1 पॉजीटिव का मतलब होता है की मरीज को डेंगू का इंफेक्शन है। 

डेंगू NS1 एंटीजन, मरीज को इन्फेक्शन के 48 घण्टे के भीतर ब्लड में आ जाता है और 7 से 8 दिन तक यह रहता है। 

डेंगू NS1 पॉजीटिव का मतलब होता है की मरीज को अभी जल्दी में ही डेंगू का इंफेक्शन हुआ है। 

यह एंटीजन इंफेक्शन के 10 दिन बाद मरीज के ब्लड में नहीं रहता और निगेटिव आता है। 

डेंगू NS1 पॉजीटिव आने का यह भी मतलब होता है की मरीज को आगे चलकर गंभीर समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए डेंगू NS1 पॉजीटिव आने पर अपने डॉक्टर से संपर्क करें। 

डेंगू NS1 पॉजीटिव होने पर कई बार मरीज को डेंगू के लक्षण नहीं दिखाई देते  लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं है की यह मरीज को डेंगू नहीं है। 

यह आगे चलकर समस्या पैदा कर सकता है और लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

डेंगू IgG एंटीबॉडी पॉजिटिव - Dengue IgG Antibody Positive Means in Hindi

डेंगू IgG एंटीबॉडी पॉजिटिव, इनफेक्शन के 10 दिन से लेकर 14 दिन के बाद मरीज के ब्लड में बनता है। 

यह मरीज को पास्ट में हुए डेंगू इंफेक्शन के बारे में बताता है। यह मरीज के ब्लड में 2 से 3 महीने तक रहता है और कई मरीजों के ब्लड में यह जीवन भर पॉजिटिव आता है। 

डेंगू IgG पॉजिटिव आने का मतलब है की मरीज को डेंगू का इंफेक्शन होकर खत्म हो चुका है और हमारे शरीर ने इसके विरूद्ध इम्युनिटी विकसित कर ली है। 

डेंगू IgG पॉजिटिव का कोई खास मतलब नहीं होता क्योंकि यह पास्ट इंफेक्शन को दर्शाता है। 

कई मामलों में जो लोग सालों पहले डेंगू से संक्रमित हुए थे उनका भी डेंगू IgG पॉजिटिव आता है।

डेंगू IgM एंटीबॉडी पॉजिटिव - Dengue IgM Antibody Positive Means in Hindi

डेंगू IgM एंटीबॉडी पॉजिटिव सबसे पहले हमारे शरीर द्वारा बनाई जाती हैं और इंफेक्शन होने के 10 दिन तक रहती हैं। 

इसके बाद मरीज के ब्लड में इसका स्तर कम होता जाता है और बाद में गायब हो जाता है। 

कई मरीजों में यह अधिकतम 2 से 3 महीने तक भी पाई जाती है। चिकुनगुनिया होने पर भी डेंगू IgM एंटीबॉडी पॉजिटिव आती है। 

डेंगू IgM एंटीबॉडी हमारे ब्लड में इंफेक्शन होने के 3 से 4 दिन बाद आती हैं। डेंगू IgM पॉजिटिव होना बताता है की मरीज को अभी डेंगू का इंफेक्शन है। 

डेंगू के मरीजों में NS1 एंटीजन और IgM एंटीबॉडी ही सबसे महत्वपूर्ण होती है और इसी के आधार पर डॉक्टर अपने निर्णय लेता है।

IgM पॉजिटिव और IgG निगेटिव मतलब मरीज को डेंगू इंफेक्शन है

IgM पॉजिटिव और IgG पॉजीटिव मतलब मरीज को डेंगू इंफेक्शन है

IgM निगेटिव और IgG पॉजिटिव मतलब मरीज को पहले डेंगू हुआ था

IgM निगेटिव और IgG निगेटिव मतलब मरीज को डेंगू था और ठीक हो गया है। 


डेंगू के लक्षण - Dengue Symptoms in Hindi

डेंगू के लक्षण डेंगू वायरस से संक्रमित होने के तीन से चार दिन बाद दिखाई देना शुरू करते हैं और ये लक्षण हैं

1) अचानक से तेज बुखार

2) तेज सरदर्द

3) आंख के पीछे दर्द

4) थकान और कमजोरी

5) उल्टी होना या उल्टी जैसा महसूस होना

6) त्वचा में चकत्ते पड़ जाना या खुजली होना

डेंगू के गम्भीर लक्षण - Serious Dengue Symptoms in Hindi

1) जोड़ों और मांसपेशियों में तेज दर्द

2) लगातार उल्टी होना

3) तेज सांसे चलना

4) मसूड़ों और नाक से खून बहना

5) बेचैनी

6) लिवर का बढ़ जाना

7) मल में खून आना या खून की उल्टी होना

8) मरीज का बड़बड़ाना

ये लक्षण दिखाई देने पर मरीज को तुरंत डॉक्टर को दिखाएं या हॉस्पिटल ले जाएं।

डेंगू का ईलाज ना करवाने पर क्या दिक्कत हो सकती है

अगर डेंगू का ईलाज ना करवाया जाए तो यह मरीजों के लिए जानलेवा साबित होता है और मरीज की जान जा सकती है। इसके अलावा यह मरीज के शरीर में अन्य दिक्कतें भी पैदा करता है जैसे

1) लिवर को डैमेज

2) किडनी को डैमेज

3) निमोनिया

4) दिल को कमजोर करना

5) अंडकोष को डैमेज करना (Orchitis)

6) महिलाओं में अंडाशय को डैमेज करना (Oophoritis)

7) दिमाग में सूजन पैदा करना और दिमाग के न्यूरॉन्स को डैमेज करना

8) मांशपेशियों को डैमेज करना

9) शरीर के तंत्रिका तंत्र को कमजोर कर देना

10) हड्डियों और जोड़ों को जाम कर देना

डेंगू का ईलाज - Dengue Fever Treatment in Hindi

डेंगू का कोई ईलाज नहीं है और डॉक्टर इसका ईलाज लक्षणों के आधार पर करते हैं। 

अधिकतर मामलों में डॉक्टर आपको पैरासिटामोल देता है और आराम करने को बोलता है। 

इसके साथ ही आपको अपनी लिक्विड डाइट पर ध्यान देना होता है। 

डॉक्टर मरीज को अधिक मात्रा में लिक्विड डाइट लेने को बोलता है। इसके साथ ही हर प्रत्येक दूसरे दिन प्लेटलेट्स काउंट करवाने को बोलता है। 

जब तक प्लेटलेट्स काउंट नॉर्मल रहते हैं मरीज को घबराने की कोई जरूरत नहीं होती और वह आराम से घर में ठीक हो सकता है। 

प्लेटलेट्स काउंट कम होने पर जरूर ध्यान देने की जरूरत है, यदि प्लेटलेट्स काउंट 50,000 से कम हो जाएं तो आप नियमित अपने डॉक्टर के सम्पर्क में रहें। 

प्लेटलेट्स काउंट 20,000 से कम होने पर डॉक्टर मरीज को ब्लड (प्लेटलेट्स) चड़वाता है।

डेंगू के लक्षण कई मरीजों को 3 से 6 महीने तक रहते हैं जैसे जोड़ों में दर्द, मांशपेशियों का अकड़ जाना, उठने बैठने और चलने फिरने में दिक्कत होना, कमजोरी बनी रहना, यूरिक एसिड बढ़ जाना ईत्यादि। 

यह लक्षण धीरे धीरे जाते हैं और कई बार तो डेंगू से रिकवर होने में 6 महीने तक लग जाते हैं। 

इसके लिए आपको अपने खानपान पर बहुत ध्यान देना होगा और डॉक्टर से सलाह लेते रहें।

 

👇👇👇 

पेट में गैस क्यों बनती है इसका इलाज क्या है

 

👇👇👇

टेस्टोस्टेरोन हार्मोन कैसे बढ़ाये, टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने की एक्सरसाइज कौन सी हैं 

 

👇👇👇

क्या बियर पीने से पथरी निकल जाती है

Lav Tripathi

Lav Tripathi is the co-founder of Bretlyzer Healthcare & www.capejasmine.org He is a full-time blogger, trader, and Online marketing expert for the last 12 years. His passion for blogging and content marketing helps people to grow their businesses.

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने

फ़ॉलोअर