स्लीप एपनिया क्या होता है | Sleep Apnea in Hindi

obstructive sleep apnea in hindi

 
Obstructive Sleep Apnea in Hindi - एपनिया का मतलब होता है सांस ना ले पाना और स्लीप एपनिया नींद के समय होने वाली एक गंभीर बीमारी है और इसके कारण मरीज की सोते वक्त मृत्यु भी हो सकती है। 
 
स्लीप एपनिया में मरीज की सांस सोते समय बार-बार रुक जाती है और फिर चालू हो जाती है। 
 
कई बार यह स्थिति 10 सेकंड से लेकर 90 सेकंड्स तक रहती है और मरीज की नींद खुल जाती है। 
 
स्लीप एपनिया का सबसे प्रमुख लक्षण सोते वक्त जोर से खर्राटे आना है और भारत में लोग इसे अच्छी नींद का संकेत समझते हैं।  

हालांकि हर कोई खर्राटे लेने वाला स्लीप एपनिया से ग्रसित नहीं होता इसके अन्य लक्षणों को साथ में देखना जरूरी है।
 
विश्व की 20% जनसंख्या इससे पीड़ित है। लोगों में स्लीप एपनिया के बारे में अज्ञानता है इसलिए वो इसका ईलाज नहीं करवा पाते और इसे बीमारी ही नहीं समझते हैं।
 
स्लीप एपनिया होने पर हमारे दिमाग और शरीर को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सिजन नहीं मिल पाती और इसके दुष्परिणाम हमें अनेक रोगों के साथ दिखाई देते हैं। 
 

स्लीप एपनिया किसको होने की संभावना अधिक है - Causes of Sleep Apnea in Hindi

1) 40 से अधिक उम्र के पुरुषों को

2) मोटे लोगों को

3) गर्दन का आकार 16 इंच से बड़ा होने पर

4) मोनोपॉज से गुजर चुकी महिलाओं को

5) गर्भावस्था के अंतिम चरण में महिलाओं को

6) टाईप 2 डायबिटीज से प्रभावित व्यक्ति को

7) हार्ट की बीमारी होने पर

8) शराब, सिगरेट और धूम्रपान करने वालो को

9) जीभ का आकार बड़ा होने पर

10) टॉन्सिल के बड़े होने पर

11) नाक में ब्लॉकेज या साइनस की समस्या होने पर

12) GERD नामक बीमारी से पीड़ित व्यक्ती को

13) डाउन सिंड्रोम से पीड़ित व्यक्ति को

14) किडनी में समस्या होने पर

15) स्ट्रोक होने पर

स्लीप एपनिया के लक्षण - Symptoms of Sleep Apnea in Hindi

1) खर्राटे आना

2) नींद के दौरान हांफना

3) सुबह उठने पर मुंह सूखा रहना

4) सुबह उठने पर सर दर्द होना

5) गहरी नींद ना आना

6) दिन में नींद आना

7) रात में सोते वक्त सांस रुकना

8) रात में कई बार नींद टूटना

9) रात में बार बार पेशाब के लिए जाना

10) चिड़चिड़ापन रहना

11) इरेक्टाइल डिस्फंक्शन होना (लिंग में तनाव ना रहना)

स्लीप एपनिया के प्रकार - Types of Sleep Apnea in Hindi

स्लीप एपनिया तीन प्रकार की होती है। सेंट्रल स्लीप एपनिया, ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया और कॉम्प्लेक्स स्लीप एपनिया

1) सेंट्रल स्लीप एपनिया - Central Sleep Apnea in Hindi

सेंट्रल स्लीप एपनिया में मरीज की सांस रात में सोते वक्त लगातार रुकती है फिर चालू होती है फिर रुकती है फिर चालू होती है। 
 
इसका कारण यह होता है की हमारा दिमाग सोते वक्त सांस लेने वाली मांसपेशियों को नियंत्रित नहीं कर पाता है। 
 
सेंट्रल स्लीप एपनिया बहुत कम होती है और यह अधिकतर उन मरीजों को होती है जिनको हार्ट में समस्या होती है या स्ट्रोक हो चुका होता है। 
 
सेंट्रल स्लीप एपनिया उन लोगों को भी होती है जो पहाड़ों पर कम ऑक्सीजन वाले क्षेत्रों में रहते हैं। 
 
इसके ईलाज के लिए मरीज को रात में सोते वक्त मशीन (CPAP, BPAP or ASV) लगाई जाती है।
 
2) ऑब्सट्रेक्टिव स्लीप एपनिया - Obstructive Sleep Apnea in Hindi

ऑब्सट्रेक्टिव स्लीप एपनिया सबसे अधिक होने वाला स्लीप एपनिया है और लगभग 85% लोगों को यही होता है। 
 
ऑब्सट्रेक्टिव स्लीप एपनिया में रात में सोते वक्त हमारी सांस कुछ समय के लिए रुक जाती है और फिर चालू हो जाती है। 
 
ऑब्सट्रेक्टिव स्लीप एपनिया होने का मुख्य कारण मरीज के गले की मांशपेशियों का अधिक रिलैक्स हो जाना है जिसके कारण गले की मांशपेशियाँ ढीली होकर सांस लेने के रास्ते को ब्लॉक कर देती हैं।
 
ऑब्सट्रेक्टिव स्लीप एपनिया में खर्राटे बहुत आते हैं।
 
3) कॉम्प्लेक्स स्लीप एपनिया - Complex Sleep Apnea in Hindi

कॉम्प्लेक्स स्लीप एपनिया उन मरीजों को होती है जिनको सेंट्रल स्लीप एपनिया और ऑब्सट्रैकटीव स्लीप एपनिया दोनों एक साथ है। इसका मुख्य कारण दोनों में से क्या है यह अभी तक ज्ञात नहीं है।

स्लीप एपनिया को कैसे पता किया जाता है - Diagnosis of Sleep Apnea in Hindi

स्लीप एपनिया को पता करने के लिए डॉक्टर स्लीप स्टडी करवाता है। इसमें सोने से पहले मरीज के मुंह में एक मशीन लगा दी जाती है जो की सोते समय निम्न चीजें रिकॉर्ड करती है जैसे

1) ऑक्सीजन का फ्लो

2) ऑक्सीजन लेवल

3) सोते वक्त सांस लेने का तरीका

4) ब्रेन की क्रियाशीलता

5) आंख और हार्ट के व्यवहार को देखना

6) सोते वक्त हाथ पैर की गतिविधि को नोट करना

7) सोते वक्त कितनी बार मरीज की सांस रुकी

स्लीप एपनिया का ईलाज - Treatment of Sleep Apnea in Hindi

स्लीप एपनिया का ईलाज तीन तरीके से किया जाता है पहला लाईफ स्टाइल में परिवर्तन करके। 
 
अगर इस तरह से मरीज को आराम नही मिलता है तो डॉक्टर मेडिसिन और सोते वक्त CPAP मशीन लगवाने को कहता है और यदि इससे भी आराम नहीं मिलता है तो सर्जरी अंतिम विकल्प के तौर पर की जाती है। 
 
सर्जरी सबसे सुरक्षित और आसान विकल्प होता है क्योंकि CPAP मशीन आपको जीवन भर सोते समय लगानी पड़ेगी जो बहुत ही असहज होता है।

स्लीप एपनिया से किस तरह बचें - How to Prevent Sleep Apnea in Hindi

1) मोटापा कम करें

2) शारीरिक श्रम की आदत डालें और प्रतिदिन कम से कम 5 किलोमीटर जरूर चलें

3) शराब, सिगरेट और तंबाकू का सेवन बिल्कुल बंद कर दें

4) पीठ के बल मत सोएं, कोशिश करें की दाएं, बाएं या पेट के बल सोएं

5) अधिक मीठा और अधिक फैट वाला भोजन मत करें

6) रात में सोते वक्त लाइट बंद रखें

7) सोने के कम से कम 3 घंटा पहले ही भोजन कर लें
 
 
 
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Lav Tripathi

Lav Tripathi is the co-founder of Bretlyzer Healthcare & www.capejasmine.org He is a full-time blogger, trader, and Online marketing expert for the last 12 years. His passion for blogging and content marketing helps people to grow their businesses.

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